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	<title>अफझलखान - आवृत्ती इतिहास</title>
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	<subtitle>विकिवरील या पानाच्या आवृत्त्यांचा इतिहास</subtitle>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;robot: Import pages using &lt;a href=&quot;/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4&quot; title=&quot;विशेष:आयात&quot;&gt;विशेष:आयात&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नवीन पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{इतिहासलेखन}}&lt;br /&gt;
{{विस्तार}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{माहितीचौकट व्यक्ती&lt;br /&gt;
| नाव  = अफझल खान&lt;br /&gt;
| चित्र = Afzalkhan.jpg&lt;br /&gt;
| चित्र_आकारमान = &lt;br /&gt;
| alt                = &lt;br /&gt;
| caption            = &lt;br /&gt;
| birth_place        = &lt;br /&gt;
| मृत्यू_दिनांक= १० नोव्हेंबर १६५९&lt;br /&gt;
| मृत्यू_स्थान = प्रतापगड&lt;br /&gt;
| पदवी_हुद्दा= &lt;br /&gt;
| जोडीदार = &lt;br /&gt;
| parents = &lt;br /&gt;
| अपत्ये = २ मुले&lt;br /&gt;
}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अफजल खान (मृत्यू १० नोव्हेंबर १६५९) हा आजच्या [[विजापूर]]वरती राज्य करणाऱ्या [[आदिलशाही]] सल्तनतमधील १७व्या शतकामध्ये होऊन गेलेला एक शक्तिशाली सरदार होता. त्याने [[शिवाजी]महाराजांन]विरुद्ध लढा दिला. शिवाजी महाराजांसोबत त्याच्या झालेल्या भेटीदरम्यान शिवाजी महाराजांनी त्याचा वध केला आणि [[प्रतापगडाची लढाई|प्रतापगडच्या लढाई]] त्याची सेना पराभूत झाली.&amp;lt;ref name=&amp;quot;Jadunath_Times&amp;quot;&amp;gt;{{स्रोत पुस्तक | title = शिवाजी अ‍ॅण्ड हीज टाइम्स | लेखक = [[जदुनाथ सरकार]] | प्रकाशक = ओरिएन्ट ब्लॅकस्वान | वर्ष = १९९२| आयएसबीएन = 978-81-250-1347-1 | पृष्ठे = ४७–५२}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&amp;lt;ref name=&amp;quot;JNazareth_Creative&amp;quot;&amp;gt;{{स्रोत पुस्तक | title = क्रिएटिव्ह थिंकिंग इन वॉरफेअर | लेखक = जे. नाझरेथ| आवृत्ती = सचित्र| प्रकाशक = लान्सर| वर्ष = २००८| आयएसबीएन = 978-81-7062-035-8 | पृष्ठे = १७४–१७६ }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ऐतिहासिक नोंदींमध्ये त्यांचे नाव &amp;quot;अफझूल खान&amp;quot; असेही आढळते.&amp;lt;ref name=&amp;quot;Betham1908&amp;quot;&amp;gt;{{स्रोत पुस्तक|लेखक =आर. एम. बेथम|title =मराठाज अँड दखनी मुसलमान्स |दुवा =https://books.google.com/books?id=6mATx3PBupsC&amp;amp;pg=PA136|अ‍ॅक्सेसदिनांक=१३ फेब्रुवारी २०१२|वर्ष =१९०८|प्रकाशक=एशियन एज्युकेशनल सर्व्हिसेस |आयएसबीएन =978-81-206-1204-4|पृष्ठे =१३६}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== सुरुवातीचे जीवन ==&lt;br /&gt;
[[File:Ali Adil Shah II.jpg|upright|thumb|[[अली अदिल शाह दुसरा]], ज्याने अफझल खानची विजापूरचा सरदार म्हणून नियुक्ती केली]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[आदिलशाही|विजापुर सल्तनत]]च्या अली आदिल शाह दुसराच्या काळात अफझल खान एक प्रमुख सरदार होता. त्याच्या सशक्त कौशल्याने आणि हुकमती क्षमतेने त्यांची लोकप्रियता वाढली आणि त्याने दरबारात उच्चपद प्राप्त केले. असे म्हटले जाते की त्याला &amp;#039;&amp;#039;अदिली&amp;#039;&amp;#039; म्हणून ओळखल्या जाणाऱ्या प्रसिद्ध तलवारीने सन्मानित करण्यात आले होते, ही तलवार [[हिरा|हिऱ्यांनी]] भरलेली होती. अफजल खानला &amp;quot;ढाल-गज&amp;quot; नामक अत्यंत लोकप्रिय अशी हत्तीची अंबारी देण्यात आली होती. त्याने १०,००० सैनिकांची वैयक्तिक फौजेचे नेतृत्व केले.&amp;lt;ref name=&amp;quot;Ikram1966&amp;quot;&amp;gt;{{स्रोत पुस्तक|लेखक =शेख मोहम्मद इक्रम|title =इस्लाम रूल इन इंडिया अँड पाकिस्तान, इ.स. ७११-१८५८: अ पॉलिटिकल अँड कल्चरल हिस्ट्री |दुवा =https://books.google.com/books?id=m9otAAAAMAAJ|अ‍ॅक्सेसदिनांक=१४ फेब्रुवारी २०१९|वर्ष =१९६६|प्रकाशक=स्टार बुक डेपो }}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
== मराठ्यांविरुद्ध युद्ध ==&lt;br /&gt;
१६५९ मध्ये, अफझलखानने ४०,००० सैन्य उभारले आणि शिवाजी महाराजांचा सातत्याने पाठपुरावा केला. ह्या सैन्याने अनेक जणांची कत्तल केली, यामुळे शिवाजी महाराजांच्या सैन्याला डोंगराळ किल्ल्यांत आश्रय घ्यावा लागला.&amp;lt;ref name=&amp;quot;Zahiruddin1972&amp;quot;&amp;gt;{{स्रोत पुस्तक | लेखक =झहीरुद्दीन फारुकी | title =औरंगजेब अँड हिज टाइम्स | दुवा =https://books.google.com/books?id=vvNtAAAAMAAJ | अ‍ॅक्सेसदिनांक=१९ फेब्रुवारी २०१९| वर्ष =१९७२| प्रकाशक=इदाराह-इ अदाबियात-इ दिल्ली }}&amp;lt;/ref&amp;gt; शिवाजी महाराजांना खुल्या मैदानात येणे भाग पडावे, याकरता त्याने हिंदूंच्या अनेक पवित्र स्थळांची नासधूस केली. त्यांमध्ये मराठ्यांचे महत्त्वाचे तीर्थस्थान [[पंढरपूर]]चा सुद्धा समावेश होता. विजापुरी सैन्याचे असे वागणे हे प्रथमच घडत होते, ज्यामुळे आदिलाशहाला [[देशमुख|देशमुखांशी]] (वतनदार) वैर पत्करावे लागले.&amp;lt;ref name=&amp;quot;Stewart_Marathas_2_4&amp;quot;&amp;gt;{{स्रोत पुस्तक | title = द मराठाज् १६००-१८१८, पार्ट २, व्हॉल्यूम ४| मालिका = न्यू केम्ब्रिज हिस्ट्री ऑफ इंडिया | लेखक = स्टीव्हर्ट गॉर्डन | आवृत्ती = इलस्ट्रेटेड | प्रकाशक = [[केम्ब्रिज युनिव्हर्सिटी प्रेस]] | वर्ष = १९९३ | आयएसबीएन = 978-0-521-26883-7 | पृष्ठ = ६७ }}&amp;lt;/ref&amp;gt; अफजलखानाने [[तुळजापूर]]सुद्धा काबीज केले. आदिलशाही सैन्याने [[हिंदू|हिंदूंची]] देवी [[तुळजाभवानी]]ची मूर्ती उद्ध्वस्त केली.&amp;lt;ref name=&amp;quot;Menon2010&amp;quot;&amp;gt;{{स्रोत पुस्तक|लेखक =कल्याणी देवकी मेनन |title =एव्हरीडे नॅशनलिझम: वीमेन ऑफ द हिंदू राईट इन इंडिया |दुवा =https://books.google.com/books?id=7TLRCtw-zvoC&amp;amp;pg=PA49|अ‍ॅक्सेसदिनांक=१९ फेब्रुवारी २०१९|दिनांक=१ डिसेंबर २०१०|प्रकाशक=युनिव्हर्सिटी ऑफ पेन्सिल्व्हानिया प्रेस |आयएसबीएन =978-0-8122-4196-9|पृष्ठे =४९–}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अफजलखानची प्रारंभिक योजना म्हणजे शिवाजी महाराजांचे मूळ निवास [[पुणे|पुण्यावर]] आक्रमण करणे.&amp;lt;ref name=&amp;quot;Jadunath_Times&amp;quot;/&amp;gt; खुल्या मैदानात खानाच्या फौजेसमोर आपला टिकाव लागणार नाही हे शिवाजी महाराज ओळखून होते, त्यामुळे त्यांनी [[जावळी]]च्या घनदाट जंगली परिसरातील [[प्रतापगड]]ावर आश्रय घेतला. शिवाजी महाराज्यांच्या सैन्याने या प्रांगणात उत्कृष्ट कामगिरी केली व त्यामुळे आदिलशाही सैन्याच्या [[तोफ]]ा, [[बंदूक|बंदुका]], [[हत्ती]], [[घोडा|घोडे]] आणि [[उंट]] यांना प्रभावहीन बनविले.&amp;lt;ref name=&amp;quot;Jadunath_Times&amp;quot;/&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
अफझलखान अतिशय निर्दयी, क्रूर आणि कपटी सरदार होता. दगा करून हत्या करत असे. शिवाजी महाराजांच्या थोरल्या बंधूची-संभाजीची कपट करून त्यानेच हत्या घडवून आणली. थोरल्या संभाजी महाराजाची  समाधी कर्नाटकातील कणकगिरी (जिल्हा कोप्पल) येथे आहे.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
इतिहासात प्रथमच वाघनखे वापरून माणसाची हत्या झाली.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
=संदर्भ आणि नोंदी=&lt;br /&gt;
{{संदर्भयादी|2}}&lt;br /&gt;
{{मराठा साम्राज्य}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[वर्ग:मराठा साम्राज्य]]&lt;br /&gt;
[[वर्ग:ऐतिहासिक व्यक्ती]]&lt;br /&gt;
[[वर्ग:मुघल साम्राज्य]]&lt;br /&gt;
[[वर्ग:इ.स. १६५९ मधील मृत्यू]]&lt;br /&gt;
[[वर्ग:आदिलशाही]]&lt;br /&gt;
[[वर्ग:पुरुष चरित्रलेख]]&lt;/div&gt;</summary>
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