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	<title>ययाति - आवृत्ती इतिहास</title>
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	<subtitle>विकिवरील या पानाच्या आवृत्त्यांचा इतिहास</subtitle>
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		<title>ImportMaster: robot: Import pages using विशेष:आयात</title>
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		<summary type="html">&lt;p&gt;robot: Import pages using &lt;a href=&quot;/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7:%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4&quot; title=&quot;विशेष:आयात&quot;&gt;विशेष:आयात&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;b&gt;नवीन पृष्ठ&lt;/b&gt;&lt;/p&gt;&lt;div&gt;{{गल्लत|ययाति (कादंबरी)}}&lt;br /&gt;
{{माहितीचौकट राज्याधिकारी &lt;br /&gt;
| नाव = राजा ययाति&lt;br /&gt;
| पदवी = &lt;br /&gt;
| चित्र = Emperor Yayati gray.jpg&lt;br /&gt;
| चित्र_शीर्षक = सम्राट ययाति चे रेखाचित्र&lt;br /&gt;
| राजध्वज_चित्र = &lt;br /&gt;
| राजध्वज_चित्र_शीर्षक = &lt;br /&gt;
| राजचिन्ह_चित्र = &lt;br /&gt;
| राजचिन्ह_चित्र_शीर्षक = &lt;br /&gt;
| राज्य_काळ = &lt;br /&gt;
| राज्यारोहण = &lt;br /&gt;
| राज्याभिषेक = &lt;br /&gt;
| राज्यव्याप्ती = भारत वर्ष&lt;br /&gt;
| राजधानी = प्रतिष्ठान&lt;br /&gt;
| पूर्ण_नाव = &lt;br /&gt;
| इतर_पदव्या = &lt;br /&gt;
| जन्म_दिनांक = &lt;br /&gt;
| जन्म_स्थान = &lt;br /&gt;
| मृत्यू_दिनांक =&lt;br /&gt;
| मृत्यू_स्थान = &lt;br /&gt;
| पूर्वाधिकारी = नहुष&lt;br /&gt;
| राजपद_वारस = &lt;br /&gt;
| राजपद_वारस_प्रकार = &lt;br /&gt;
| उत्तराधिकारी = पुरु&lt;br /&gt;
| वडील = [[नहुष]]&lt;br /&gt;
| आई = [[अशोक सुंंदरी]]&lt;br /&gt;
| पत्नी = [[देवयानी (पौराणिक व्यक्तिरेखा)|देवयानी]]&lt;br /&gt;
| इतर_पत्नी = शर्मिष्ठा&lt;br /&gt;
| पती = &lt;br /&gt;
| इतर_पती = &lt;br /&gt;
| संतती = यदु, तुर्वसू, अनु, दृह्यु व पूरू (मुले) आणि माधवी (मुलगी)&lt;br /&gt;
| राजवंश = सोमवंशी&lt;br /&gt;
| राजगीत = &lt;br /&gt;
| राजब्रीदवाक्य = &lt;br /&gt;
| राजचलन = &lt;br /&gt;
| तळटिपा = &lt;br /&gt;
|}}&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ययाति&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; हे एक पौराणिक पुत्र असून हा प्राचीन भारतातील चक्रवर्ती सम्राट होता.  तो पांंडव आणि यदुवंशीयांचा पूर्वज सुद्धा होता. प्रयाग जवळील प्रति ही त्याची राजधानी होती.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
एकेकाळी इंद्रपद भोगलेला राजा [[नहुष]] आणि शिव-पार्वतीची मुलगी  [[अशोक सुंंदरी]] यांच्यापोटी ययातिचा जन्म झाला.&amp;lt;ref name=&amp;quot;yayati&amp;quot;/&amp;gt; त्याचा मोठा भाऊ यती हा संन्यासी वृत्तीचा असल्यामुळे नहुष नंतर ययातिला राज्यपद मिळाले. कालांतराने ययातिचे लग्न [[देवयानी (पौराणिक व्यक्तिरेखा)|देवयानी]] सोबत झाले. देवयानी ही असूर गुरू [[शुक्राचार्य]]ची मुलगी होती आणि देवयानीची दासी राजकुमारी [[शर्मिष्ठा]] होती. देवयानी आणि ययाति यांना यदू व तुर्वसू अशी दोन मुले झाली.&amp;lt;ref name=&amp;quot;yayati&amp;quot;/&amp;gt; त्याच सोबत ययाति आणि शर्मिष्ठा यांच्यात प्रेमसंबंध निर्माण होऊन त्यांना अनू, द्रुह्यू व [[पुरु]] अशी तीन मुले झाली. देवयानीला जेव्हा ही गोष्ट समजली तेव्हा तिने आपल्या पित्याला म्हणजे शुक्राचार्यांना सर्व वृत्तांत सांगितला. मग शुक्राचार्यांनी रागात येऊन ययातिला पुरुषत्व जाऊन वार्धक्याचा शाप दिला.&amp;lt;ref name=&amp;quot;yayati&amp;quot;/&amp;gt; कामभाव नष्ट न झाल्याने ययातीने आपल्या मुलांना वार्धक्य घेऊन त्यांचे तारुण्य मागितले. चारही मुलांनी नकार दिला, परंतु पुरुने मात्र या गोष्टीला होकार दिला. आणि पुढील एक हजार वर्षे ययातीने तारुण्य, तर पुरुने वृद्धत्व सुद्धा भोगले आणि  शेवटी पश्चात-बुद्धी होऊन ययातीने आपलं वृद्धत्व वापस घेतले आणि तपश्चर्या करून कालांतराने स्वर्गप्राप्ती मिळवली. देवयानीचा पुत्र यदू व शर्मिष्ठाचा पुत्र पुरु यांच्यापासून अनुक्रमे यादव आणि पौरव या विख्यात वंशशाखा निर्माण झाल्या.&amp;lt;ref name=&amp;quot;yayati&amp;quot;&amp;gt;{{संकेतस्थळ स्रोत|दुवा=https://vishwakosh.marathi.gov.in/30741/|title=ययाति|access-date=२३ फेब्रुवारी २०२१}}&amp;lt;/ref&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==हे सुद्धा पहा==&lt;br /&gt;
* [[ययाति (कादंबरी)]]&lt;br /&gt;
* [[महाभारत]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==संदर्भ==&lt;br /&gt;
{{संदर्भयादी}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[वर्ग:हिंदू पौराणिक व्यक्ती]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>ImportMaster</name></author>
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